असमय प्राकृतिक आपदाए(अम्फान चक्रवात)
आज देश न जाने कितनी बड़ी महामारी सेेे गुजर रहा है और इसी बीच एक बड़ी प्राकृतिक आपदा "अम्फान चक्रवात"भी देश में प्रवेेेश कर जाता है जो काफी नुकसानदायक है।
थाईलैंड ने इस सुपर साइक्लोन को‘अम्फान’ नाम दिया है।सुपर साइक्लोन का मतलब ऐसा प्रचंड चक्रवात है जो अपने मार्ग में आने वाले इलाकों में भारी तबाही मचाता है।चक्रवात समुद्र से ताकत हासिल करते है फिर यह पृथ्वी की ओर बढ़ते है फिर यह मानव सभ्यता के लिए बहुत ही हानिकारक बन जाते हैं और ना जाने कितने घरों को उजाड़ देते हैं।
अम्फान चक्रवात अपने प्रचंड वेग और ऊर्जा के साथ 150 से 250 किमी की रफ्तार से पृथ्वी की सतह से टकराता है।इसके चलते भीषण आंधी आती है,पेड़-पौधें उखड़ जाते हैं,समुद्र का पानी तटीय इलाकों में प्रवेश कर जाता है और कमजोर घर ढह जाते हैं।इससे जान और माल दोनों को नुकसान होता है।
तमाम सरकारें और संस्थाएं चक्रवात के पूर्वानुमान होने से चक्रवात प्रभावित इलाकों से लोगों को दूर कर देते हैं और हर संभव कोशिश करते हैं कि किस तरह से प्राप्त प्राकृतिक आपदा से बचा जा सके। वर्तमान में कोरोना महामारी भी चरम सीमा पर है।कई मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए जो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं, अम्फान तूफान के प्रभाव में आने वाले इलाकों में जाने वाली श्रमिक ट्रेन को रद कर दिया गया है।
ऐसी प्राकृतिक आपदाएं न जाने कितनी बार आती ह लेकिन इन प्राकृतिक आपदाओं का समाधान आध्यात्मिक शक्ति से ही संभव है। न्यूजर्सी अमेरिका की प्रसिद्ध भविष्यवक्ता फ्लोरेंस ने संत रामपाल जी महाराज के बारे में भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वह संत प्राकृतिक परिवर्तन भी कर सकता है। अथार्त प्राकृतिक आपदाओं को भी रोक सकता है।संत रामपाल जी महाराज ही ऐसे संत हैं जो विश्व को आध्यात्मिक मार्ग की तरफ ले जा रहे हैं और दिन प्रतिदिन उनका ज्ञान तोप के गोले के समान तीव्र गति से फैल रहा है।
आज देश न जाने कितनी बड़ी महामारी सेेे गुजर रहा है और इसी बीच एक बड़ी प्राकृतिक आपदा "अम्फान चक्रवात"भी देश में प्रवेेेश कर जाता है जो काफी नुकसानदायक है।
थाईलैंड ने इस सुपर साइक्लोन को‘अम्फान’ नाम दिया है।सुपर साइक्लोन का मतलब ऐसा प्रचंड चक्रवात है जो अपने मार्ग में आने वाले इलाकों में भारी तबाही मचाता है।चक्रवात समुद्र से ताकत हासिल करते है फिर यह पृथ्वी की ओर बढ़ते है फिर यह मानव सभ्यता के लिए बहुत ही हानिकारक बन जाते हैं और ना जाने कितने घरों को उजाड़ देते हैं।
तमाम सरकारें और संस्थाएं चक्रवात के पूर्वानुमान होने से चक्रवात प्रभावित इलाकों से लोगों को दूर कर देते हैं और हर संभव कोशिश करते हैं कि किस तरह से प्राप्त प्राकृतिक आपदा से बचा जा सके। वर्तमान में कोरोना महामारी भी चरम सीमा पर है।कई मजदूर अपने घर जाना चाहते हैं लेकिन सरकार ने प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाने के लिए जो श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं, अम्फान तूफान के प्रभाव में आने वाले इलाकों में जाने वाली श्रमिक ट्रेन को रद कर दिया गया है।
ऐसी प्राकृतिक आपदाएं न जाने कितनी बार आती ह लेकिन इन प्राकृतिक आपदाओं का समाधान आध्यात्मिक शक्ति से ही संभव है। न्यूजर्सी अमेरिका की प्रसिद्ध भविष्यवक्ता फ्लोरेंस ने संत रामपाल जी महाराज के बारे में भविष्यवाणी करते हुए कहा कि वह संत प्राकृतिक परिवर्तन भी कर सकता है। अथार्त प्राकृतिक आपदाओं को भी रोक सकता है।संत रामपाल जी महाराज ही ऐसे संत हैं जो विश्व को आध्यात्मिक मार्ग की तरफ ले जा रहे हैं और दिन प्रतिदिन उनका ज्ञान तोप के गोले के समान तीव्र गति से फैल रहा है।
और अधिक जानने के लिए अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना चैनल पर शाम 7:30 से 8:30



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