पर्यावरण पर बढ़ता खतरा और उपाय
हमारा पर्यावरण धरती पर स्वस्थ जीवन को अस्तित्व में रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिर भी हमारा पर्यावरण दिन-प्रतिदिन मानव निर्मित तकनीक तथा आधुनिक युग के आधुनिकरण के वजह से नष्ट होता जा रहा है। इसलिए आज हम पर्यावरण प्रदुषण जैसे सबसे बड़े समस्या का सामना कर रहे हैं।पर्यावरण प्रदुषण वातावरण में विभिन्न प्रकार के बीमारीयों को जन्म देता है, जिसे व्यक्ति जीवन भर झेलता रहता है। यह किसी समुदाय या शहर की समस्या नहीं है बल्कि दुनिया भर की समस्या है तथा जल प्रदुषण द्वारा विभिन्न प्रकार के रोग तथा विकार का जन्म होता है जो हमारे जीवन को खतरे में डालते हैं। फैक्ट्रीयो और वाहनों से निकलते हुए धुँए और कचरे से वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण हो रहा है।इसके साथ साथ वाहनों से निकलने वाले धुँए से भी वायु प्रदूषण काफी हद तक हो रहा है। इससे हमारे पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है।
तमाम सरकारें और संस्थाएं पर्यावरण को बचाने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं।
"स्वस्थ भारत अभियान" भारत सरकार द्वारा आरम्भ किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसका उद्देश्य गलियों, सड़कों को साफ-सुथरा करना है। यह अभियान महात्मा गाँधी जयंती 02 अक्टूबर 2014 को आरम्भ किया गया।पर्यावरण की गुणवत्ता की इस कमी में प्रभावी नियंत्रण व प्रदूषण के परिप्रेक्ष्य में सरकार ने समय-समय पर अनेक कानून व नियम बनाए। इनमें से अधिकांश का मुख्य आधार प्रदूषण नियंत्रण व निवारण था।लेकिन फिर भी बढते औद्योगिकरण के कारण पर्यावरण में निरंतर प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है ।
एक महान तत्वदर्शी संत संत रामपाल जी महाराज है जो समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने के लिए भी बड़ी मुहिम चला रहे हैं वह अपने शिष्यों को कहीं भी कचरा नहीं फैलाने की शिक्षा देने के साथ-साथ शास्त्र अनुकूल ज्योति हवन यज्ञ करवाते हैं।यह ज्योति और हवन यज्ञ देसी घी से होता है जिससे पर्यावरण संरक्षण में काफी मदद होती है और संत रामपाल जी महाराज अनेक शास्त्र अनुकूल यज्ञ करवाते हैं।यज्ञ करने से वर्षा होती है वर्षा होने से धरती पर पानी की कमी दूर हो जाती है।अच्छी फसल होती है और पर्यावरण भी सुरक्षित होता है अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना चैनल पर शाम 7:30 से 8:30
हमारा पर्यावरण धरती पर स्वस्थ जीवन को अस्तित्व में रखने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। फिर भी हमारा पर्यावरण दिन-प्रतिदिन मानव निर्मित तकनीक तथा आधुनिक युग के आधुनिकरण के वजह से नष्ट होता जा रहा है। इसलिए आज हम पर्यावरण प्रदुषण जैसे सबसे बड़े समस्या का सामना कर रहे हैं।पर्यावरण प्रदुषण वातावरण में विभिन्न प्रकार के बीमारीयों को जन्म देता है, जिसे व्यक्ति जीवन भर झेलता रहता है। यह किसी समुदाय या शहर की समस्या नहीं है बल्कि दुनिया भर की समस्या है तथा जल प्रदुषण द्वारा विभिन्न प्रकार के रोग तथा विकार का जन्म होता है जो हमारे जीवन को खतरे में डालते हैं। फैक्ट्रीयो और वाहनों से निकलते हुए धुँए और कचरे से वायु प्रदूषण और जल प्रदूषण हो रहा है।इसके साथ साथ वाहनों से निकलने वाले धुँए से भी वायु प्रदूषण काफी हद तक हो रहा है। इससे हमारे पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है।
तमाम सरकारें और संस्थाएं पर्यावरण को बचाने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं।
"स्वस्थ भारत अभियान" भारत सरकार द्वारा आरम्भ किया गया राष्ट्रीय स्तर का अभियान है जिसका उद्देश्य गलियों, सड़कों को साफ-सुथरा करना है। यह अभियान महात्मा गाँधी जयंती 02 अक्टूबर 2014 को आरम्भ किया गया।पर्यावरण की गुणवत्ता की इस कमी में प्रभावी नियंत्रण व प्रदूषण के परिप्रेक्ष्य में सरकार ने समय-समय पर अनेक कानून व नियम बनाए। इनमें से अधिकांश का मुख्य आधार प्रदूषण नियंत्रण व निवारण था।लेकिन फिर भी बढते औद्योगिकरण के कारण पर्यावरण में निरंतर प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है ।
एक महान तत्वदर्शी संत संत रामपाल जी महाराज है जो समाज में फैली बुराइयों को मिटाने के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने के लिए भी बड़ी मुहिम चला रहे हैं वह अपने शिष्यों को कहीं भी कचरा नहीं फैलाने की शिक्षा देने के साथ-साथ शास्त्र अनुकूल ज्योति हवन यज्ञ करवाते हैं।यह ज्योति और हवन यज्ञ देसी घी से होता है जिससे पर्यावरण संरक्षण में काफी मदद होती है और संत रामपाल जी महाराज अनेक शास्त्र अनुकूल यज्ञ करवाते हैं।यज्ञ करने से वर्षा होती है वर्षा होने से धरती पर पानी की कमी दूर हो जाती है।अच्छी फसल होती है और पर्यावरण भी सुरक्षित होता है अवश्य देखें संत रामपाल जी महाराज के मंगल प्रवचन साधना चैनल पर शाम 7:30 से 8:30



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